Thursday, 4 February 2016

कैसे पाये Teaching जॉब्स - जानिये



कैसे  पाये  Teaching जॉब्स - जानिये 
दोस्तों, एजुकेशन एक ऐसा विभाग है, जो सबसे ज्यादा विकास की ओर बढ़ रहा  है। इस क्षेत्र में कभी मंदी नहीं दिखाई देती है। भारत में प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक में रोजगार की अपार संभावनाएं देखने को मिलती हैं । 

शिक्षा और शिक्षक का संबंध बहुत गहरा और पुराना है। स्टूडेंट्स के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने में शिक्षक की सबसे मुख्य भूमिका मानी जाती है । अपने देश में शिक्षा देना प्राचीनकाल से ही सम्मानजनक कार्य रहा है। परन्तु समय के बदलने के साथ इसके स्वरूप में बदलाव जरूर ही देखने को मिला है |

आज का समय हो या पहले का टीचर को हर समय सम्मान मिलता है | एक टीचर बनने के सपने से सिर्फ आप अपना ही भविष्य नही सवाँरते बल्कि शोहरत, सम्मान के साथ राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में भी योगदान आपका विशेष योगदान हो सकता है |


Teaching में करियर बनाने के पाठ्यक्रम-

बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन)-
इस पाठयक्रम में प्रवेश हेतु स्नातक (50 प्रतिशत) व प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर प्रवेश मिलता है। बहुत से संस्थान ऐसे भी है जो स्वतंत्र रूप से बीएड का पाठ्यक्रम संचालित कराते हैं और इसके लिए प्रवेश परीक्षा भी आयोजित करते हैं। ये परीक्षाएं प्रत्येक वर्ष आयोजित होती हैं। इसके पाठयक्रमों में शिक्षा मनोविज्ञान, दर्शन शास्त्र, भारतीय शिक्षा का इतिहास, शिक्षण साधन व पर्यावरण आदि विषयों को जोड़ा गया है।

बीटीसी (बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट)-
बीटीसी का पाठ्यक्रम दो साल का डिप्लोमा होता है। यह प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर तक के युवाओं के शिक्षण हेतु मान्य है । इसमें तभी प्रवेश मिल सकता है, जब प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त कर ली जाए। इसके लिए 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएट होना अनिवार्य है। आयु 18-30 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य होती है।


डीपीएड (डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन)-
‘फिजिकल एजुकेशन’ को एक पाठ्यक्रम का रूप दे दिया गया है। देश में शारीरिक व खेल प्रशिक्षकों की मांग बहुत अधिक बढ़ गई है | इसी को देखते हुए डीपीएड के पाठ्यक्रम की भी मांग बढ़ गई है | 

यह दो वर्ष का पाठयक्रम होता है। इसमें प्रवेश हेतु 10+2 में 50 प्रतिशत अंकों के के साथ उत्तीर्ण होने पर ही मिल पाता है | इस पाठ्यक्रम में छात्रों को शारीरिक संरचना, समस्या एवं निवारण आदि का ज्ञान कराया जाता है तथा साथ ही उन्हें इनडोर, आउटडोर, योग आदि की भी प्रैक्टिस कराई जाती है | इसके उपरांत स्कूलों में गेम टीचर के रूप में नियुक्ति होती है |

एनटीटी (नर्सरी टीचर ट्रेनिंग)-
इस पाठ्यक्रम का भी अध्यापन समय दो वर्ष का होता है | इसमें प्रवेश हेतु बारहवीं के अंकों के आधार पर तो कुछ प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिए जाते है । इसकी प्रवेश परीक्षा में करंट अफेयर्स, जनरल स्टडी, हिंदी, टीचिंग एप्टीटयूड, अंग्रेजी, रीजनिंग आदि विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।


सीटीईटी और टीईटी होना जरूरी-
स्टूडेंट टीचिंग से जुड़े प्रमुख पाठयक्रमों में सफल होने के उपरांत अभ्यर्थी को सीटीईटी (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, तिब्बती स्कूलों व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के अधीन आने वाले विद्यालयों में टीचर बनने हेतु सीबीएसई द्वारा आयोजित करायी जाने वाली परीक्षा केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में उत्तीर्ण होना आवश्यक होता  है। तभी वे इसके आवेदन के हकदार हो सकते हैं।

यह परीक्षा क्वालिफाइंग परीक्षा होती है। इसमें आवेदक को 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होता है । इसमें वही छात्र भाग ले सकते हैं, जिन्होंने स्नातक की परीक्षा 50 फीसद अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो। 

इसके अलावा बीएड की भी डिग्री होना जरूरी होता है। सीटीईटी केवल केंद्रीय विद्यालयों अथवा सीबीएसई से संबंधित स्कूलों के लिए होता है। राज्यों में यह सर्टिफिकेट मान्य नहीं होता है । इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद मिलने वाला सर्टिफिकेट भी सात साल के लिए वैध होता है |


टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट)-
राज्यों में अब टीचर बनने हेतु बीएड के साथ टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) पास करना भी अनिवार्य हो गया है । परीक्षा पास करने के बाद स्टूडेंट्स को एक सर्टिफिकेट मिलता है। यह सर्टिफिकेट पांच साल के लिए मान्य किया जाता है।

टीजीटी व पीजीटी-
टीजीटी व पीजीटी परीक्षाएं राज्य स्तर पर आयोजित करायी जाती हैं। टीजीटी के लिए  संबंधित विषय में स्नातक और बीएड अनिवार्य है, वहीं पीजीटी के लिए संबंधित विषय में परास्नातक और बीएड का होना आवश्यक होता है। इसमें स्ट्रीम की कोई बाध्यता नहीं होती है।

यूजीसी नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा)-
यह एक राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) एग्जाम है | इसकी परीक्षा वर्ष में दो बार होती है यह परीक्षा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अयोजित करायी जाती है | इस परीक्षा में सफल होने के प्रश्चात आप जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) अथवा भारत के किसी विश्वविद्यालय या संबद्ध महाविद्यालय में लेक्चरर बनने के योग्य हो जाते है |


टीचिंग में जॉब-
उपरोक्त दी हुए कोर्सो के माध्यम से आपका टीचिंग में जॉब पाने का सपना आसानी से पूरा हो सकता है | इसके लिए जॉब कुछ इस प्रकार है ,  प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों सहित सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में सहायक अध्यापक, लेक्चरर, प्रवक्ता, शिक्षा मित्र व अनुदेशक बना जा सकता है | इसके अलावा प्राइवेट संस्थान तथा कोचिंग सेंटर भी योग्य लोगों को टीचिंग का मौका देते हैं। पीएचडी के बाद शोध का अवसर मिल सकता है |

दोस्तों, दी गई जानकारी के माध्यम से आप टीचिंग के क्षेत्र में जॉब आसानी से प्राप्त कर सकते है तथा टीचिंग में ख्वाहिश रखने के अपने सपने को आसानी से साकार कर सकते है | यदि अभी भी आपके मन में कोई सवाल आ रहा है तो आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर पूछें |



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